नई दिल्ली : (New Delhi) केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Union Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने कहा है कि सरकार जल्द ही ‘बैंकिंग फॉर विकसित भारत’ (‘Banking for Viksit Bharat’) पर एक उच्चस्तरीय समिति गठित करेगी। यह समिति देश के बैंकिंग क्षेत्र की व्यापक समीक्षा कर वर्ष 2047 के विकसित भारत लक्ष्य के अनुरूप भविष्य का रोडमैप तैयार करेगी।
पीएसबी (Public Sector Bank) कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कहा कि समिति के गठन की घोषणा जल्द की जाएगी। समिति बैंकिंग क्षेत्र की भूमिका पर विचार कर सरकार को अपने सुझाव और सिफारिशें सौंपेगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 का लक्ष्य अब दूर नहीं है और देश के पास इसके लिए 20 साल से भी कम समय बचा है। ऐसे में बैंकिंग व्यवस्था को अर्थव्यवस्था की बढ़ती जरूरतों और विकास के अगले चरण के अनुरूप तैयार करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में परिसंपत्ति गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और एनपीए रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। मजबूत बैलेंस शीट के कारण सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के पास अब सुधारों को आगे बढ़ाने और आर्थिक विकास को गति देने का बेहतर अवसर है।
निर्मला सीतारमण ने सरकारी बैंकों से अपनी वित्तीय मजबूती का उपयोग विकास के अगले चरण को समर्थन देने में करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बैंकिंग नेतृत्व से मिलने वाले सुझाव उच्चस्तरीय समिति के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे।
29% भारतीय 15 से 29 आयु वर्ग के
वित्त मंत्री ने बैंकों को देश की युवा आबादी पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने बताया कि करीब 29 फीसदी भारतीय 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग में हैं। बैंकों को शिक्षा ऋण, उद्यमिता वित्त और निवेश उत्पादों जैसी सेवाओं तक युवाओं की पहुंच बढ़ानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मजबूत और आधुनिक बैंकिंग व्यवस्था ही ‘विकसित भारत 2047’ के आर्थिक लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
