
नई दिल्ली : (New Delhi) कैटेगरी वन और कैटेगरी टू के इंडिया फोकस फंड्स के लिए इनवेस्टमेंट मैनेजर के रूप में और भारत में कंपनियों को कैपिटल देने वाले ऑफशोर फंड्स के लिए एडवाइजर के तौर पर काम करने वाली कंपनी गजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट (Gaja Alternative Asset Management) का 550 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में निवेशक 21 अगस्त (IPO until August 21) तक बोली लगा सकेंगे।
इश्यू की क्लोजिंग के बाद 24 अगस्त को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 25 अगस्त को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 26 अगस्त को बीएसई और एनएसई (BSE and NSE) पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के बाद पहले दिन शाम तीन बजे तक इस आईपीओ को 68 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला था।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 152 रुपये से लेकर 160 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय (₹152 to ₹160 per share has been fixed for the IPO) किया गया है, जबकि लॉट साइज 93 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम एक लॉट यानी 93 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,880 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर्स 1,93,440 रुपये के निवेश से अधिकतम 13 लॉट में 1,209 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं।
इस आईपीओ के तहत 5 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 3,43,75,000 शेयर जारी हो रहे हैं। इनमें लगभग 450 करोड़ रुपये के 2,81,25,000 नए शेयर जारी हो रहे हैं, जबकि लगभग 100 करोड़ रुपये के 62,50,000 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचा जा रहा है।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (Qualified Institutional Buyers) (क्यूआईबी) के लिए ज्यादा से ज्याद 50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए कम से कम 35 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए न्यूनतम 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड (JM Financial Limited) को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है। वहीं एमयूजीएफ इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (MUFG Intime India Private Limited) को रजिस्ट्रार बनाया गया है।
गजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (Draft Red Herring Prospectus) (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 44.74 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 61.95 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में उछल कर 81.96 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इस दौरान कंपनी की राजस्व (company’s revenue) प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 103.96 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 123.31 करोड़ के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 157.80 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इस अवधि में कंपनी के कर्ज में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 3.51 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर चार करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2025-26 मेंर जबरदस्त उछाल के साथ 41.56 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस दौरान कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 331.88 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 388.97 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ जबरदस्त बढ़ोतरी के साथ 606.52 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
