
नई दिल्ली : (New Delhi) डायग्नोस्टिक लैब, आईवीडी और फार्मास्यूटिकल फर्म्स, क्लीनिक्स (diagnostic labs, IVD and pharmaceutical firms, clinics) और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों को इंटिग्रेटेड लॉजिस्टिक्स, ह्यूमन रिसोर्स और टेक्नोलॉजी बेस्ड सर्विस देने वाली कंपनी क्रेडेंट कनेक्ट एंड केयर के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में मजबूत शुरुआत कर अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 189 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे।
आज एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म (NSE’s SME platform) पर इसकी लिस्टिंग 90 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 359.10 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के बाद लिवाली के सपोर्ट से ये शेयर कुछ देर में ही उछल कर 377.05 रुपये के अपर सर्किट लेवल पर आ गया। इस तरह पहले दिन के कारोबार में ही कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 188.05 रुपये यानी 99.50 प्रतिशत का फायदा हो गया।
क्रेडेंट कनेक्ट एंड केयर (Credent Connect & Care) के आईपीओ में लॉट साइज 600 शेयर का था। इस तरह कंपनी के आईपीओ निवेशकों को आज प्रति लॉट 1,12,830 रुपये का फायदा हो गया। इस आईपीओ के लिए आवेदन के साथ निवेशकों ने प्रति लॉट 1,13,400 रुपये का निवेश किया था। इस तरह पहले दिन ही कंपनी के आईपीओ निवेशकों का पैसा लगभग दोगुना हो गया।
इस कंपनी का 93.90 करोड़ रुपये का आईपीओ 13 से 17 अगस्त के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 153.13 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (Qualified Institutional Buyers) (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 130.40 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) (Non-Institutional Investors) के लिए रिजर्व पोर्शन में 216.97 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 138.86 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 49.68 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ में शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपनी सब्सिडरी क्रीडेंट हेल्थकेयर (subsidiary, Credent Healthcare) के लिए मशीनरी खरीदने, पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
क्रेडेंट कनेक्ट एंड केयर की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (Draft Red Herring Prospectus) (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में उतार चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 2.66 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में कम होकर 2.25 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
हालांकि इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में थोड़ी बढ़ोतरी जरूर हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 76.02 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 78.23 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 6.85 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 7.42 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 13.66 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसके अगले साल यानी 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 15.90 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 13.46 करोड़ रुपये के स्तर पर था। वहीं 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस जबरदस्त उछाल के साथ 15.70 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसी तरह ईबीआईटीडीए (EBITDA) (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 4.30 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 4.99 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
