
वडोदरा : (Vadodara) वडोदरा (Vadodara) में 2024 की नवरात्रि की रात नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में विशेष पॉक्सो अदालत (special POCSO court) ने सोमवार को पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने इसे बेहद जघन्य अपराध (most heinous crime) बताया। मामला 4 अक्तूबर 2024 का है। उस समय पीड़िता की उम्र 16 साल थी। वह रात करीब 11 बजे लक्स्मीपुरा इलाके में अपने बचपन के दोस्त से मिलने गई थी। इसके बाद दोनों स्कूटी से भायली इलाके की ओर लौट रहे थे। अदालत ने 20 अगस्त को पांचों को सामूहिक दुष्कर्म, सबूत नष्ट करने और डकैती से जुड़े आरोपों में दोषी ठहराया था। सोमवार को सजा सुनाते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सीएम पवार (Additional District and Sessions Judge CM Pawar) ने प्रत्येक दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। अभियोजन के मुताबिक, अदालत ने कहा कि महिलाओं की समाज में महत्वपूर्ण भूमिका है और महिला या नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म बेहद गंभीर अपराध है। कोर्ट ने यह भी कहा कि देवी अंबा को समर्पित नवरात्रि के दौरान हुई ऐसी घटना को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
पांचों दोषियों ने वारदात को कैसे अंजाम दिया?
अभियोजन के अनुसार, आधी रात के करीब सुनसान सड़क पर दोपहिया वाहनों से आए पांच लोगों ने नाबालिग और उसके दोस्त को रोक लिया। आरोप है कि पांचों ने लड़की के दोस्त को रोककर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पीड़िता का मोबाइल फोन भी लूट लिया और उसे विश्वामित्री नदी (Vishwamitri River) में फेंक दिया। मामले में दोषियों की पहचान मुमताज, अजमल, मुन्ना बंजारा, सैफ और शाहरुख (Mumtaz, Ajmal, Munna Banjara, Saif, and Shahrukh) के रूप में हुई। इनकी उम्र 25 से 30 वर्ष के बीच है।
