
नई दिल्ली : (New Delhi) त्रिपुरा ने पहली बार 18.7 मीट्रिक टन पारंपरिक चावल की खेप ऑस्ट्रिया और नीदरलैंड को भेजकर यूरोपीय बाजार में अपनी पहचान स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। त्रिपुरा सरकार के कृषि मंत्री रतन लाल नाथ (Tripura’s Agriculture Minister Ratan Lal Nath) एपीडा के अध्यक्ष अभिषेक देव और कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव अपूर्बा रॉय (APEDA Chairman Abhishek Dev, and Secretary of the Department of Agriculture and Farmers’ Welfare Apurba Roy) ने चावल के खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (एनपीओपी) (National Programme for Organic Production) प्रमाणित 4 किस्मों के 18 मीट्रिक टन चावल की खेप 2 सितंबर को त्रिपुरा से ऑस्ट्रिया और नीदरलैंड को निर्यात के लिए रवाना की गई। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने त्रिपुरा से एनपीओपी प्रमाणित पारंपरिक चावल को ऑस्ट्रिया और नीदरलैंड निर्यात करने में सहायता की। मंत्रालय के मुताबिक प्रतीथी ऑर्गेनिक फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से भेजी गई इस खेप में जैविक रूप से उगाए गए चावल की 4 किस्में हैं, जिनमें 1.2 मीट्रिक टन कालीखासा, 1.5 मीट्रिक टन चिपचिपा चावल, 6 मीट्रिक टन काला चावल और 10 मीट्रिक टन हरिनारायण चावल शामिल हैं।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय (Ministry of Commerce and Industry) ने बताया कि यह चावल त्रिपुरा राज्य जैविक कृषि विकास एजेंसी (टीएसओएफडीए) द्वारा समर्थित त्रिपुरा की किसान उत्पादक कंपनियों (एफपीसी) से एकत्रित किया गया है। इसका निर्यात सोनीपत स्थित मेसर्स प्रथिति ऑर्गेनिक फूड्स (Sonipat-based M/s Pratheethi Organic Foods) ने किया है, जो भारतीय जैविक कृषि उत्पादों का विश्व स्तर पर अग्रणी निर्यातक है। मंत्रालय ने कहा कि एपीडा की इस पहल से स्थानीय उत्पादकों और कृषि उत्पादक संगठनों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जुड़ने का अवसर मिलेगा है और प्रमाणित जैविक उत्पादों की बढ़ती वैश्विक मांग में राज्य की भागीदारी मजबूत होगी।
