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Ballia : रागिनी के सपनों को मिली उड़ान

Ballia: Ragini's dreams take flight

अलख पांडेय ने दी 10 लाख रुपये की मदद
दिव्यांग होने के बावजूद एक पैर के सहारे स्कूल जाती है सात वर्षीय छात्रा
प्रशासन ने दी ट्राई साइकिल
बलिया : (Ballia)
जिले के मनियर ब्लॉक के रानीपुर गांव (Ranipur village in the Maniyar block) की सात वर्षीय दिव्यांग छात्रा रागिनी के पढ़ाई के प्रति जज्बे ने समाज के लोगों को आगे आने के लिए प्रेरित किया है। सोशल मीडिया पर मदद की अपील सामने आने के बाद मशहूर शिक्षक और फिजिक्स वाला के संस्थापक अलख पांडेय (Alakh Pandey) ने रागिनी के परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी है।

रागिनी सरकारी प्राथमिक विद्यालय (government primary school) में कक्षा एक की छात्रा है। महज सात माह की उम्र में एक दुर्घटना में उसका एक पैर निष्क्रिय हो गया था। चलने-फिरने में परेशानी के बावजूद उसने पढ़ाई नहीं छोड़ी। वह घर से करीब 400 मीटर दूर स्कूल तक एक पैर के सहारे पहुंचती रही। रागिनी की भावुक अपील सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद प्रशासन का ध्यान भी उसकी ओर गया।

बुधवार को जिलाधिकारी एमपी सिंह (District Magistrate MP Singh) ने उसे ट्राई साइकिल प्रदान की, जिससे स्कूल आने-जाने में उसे काफी सुविधा मिलेगी। वहीं, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने रागिनी के परिजनों से बात कर कृत्रिम अंग लगवाने में मदद का भरोसा दिया। इसके बाद फिजिक्स वाला की टीम ने रागिनी की मां बबिता कुमारी से संपर्क किया।

अलख पांडेय की ओर से रागिनी के परिवार के बैंक खाते में ऑनलाइन 10 लाख रुपये भेजे गए। फिजिक्स वाला के स्थानीय एकेडमिक हेड संतोष चटराज ने गुरुवार को बताया कि आर्थिक सहायता मिलने से रागिनी की मां बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा कि रागिनी के पढ़ाई के प्रति जज्बे को देखते हुए यह मदद उसके भविष्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगी।