
नई दिल्ली : (New Delhi) दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट (Delhi’s Rouse Avenue Court) ने रेलवे टेंडर घोटाला (railway tender scam) के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लॉन्ड्रिंग आरोपितों के खिलाफ आरोप तय करने पर फैसला फिर टाल दिया। इसके पहले भी कोर्ट ने 29 अगस्त, 14 अगस्त , 31 जुलाई, 16 जुलाई, 9 जून, 22 मई और 6 मई को फैसला टाल दिया था। अब इस मामले पर 10 सितंबर को फैसला सुनाया जाएगा।
कोर्ट ने 13 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। 28 जनवरी 2019 को कोर्ट ने ईडी की ओर से दर्ज केस में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव (Lalu Yadav, Rabri Devi, and Tejashwi Yadav) को भी नियमित जमानत दी थी। कोर्ट ने एक-एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी थी। 19 जनवरी 2019 को कोर्ट ने सीबीआई की ओर से दर्ज केस में लालू यादव को नियमित जमानत दी थी। कोर्ट ने 13 अक्टूबर 2025 को रेलवे टेंडर घोटाले के सीबीआई से जुड़े मामले में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत दूसरे आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था।
कोर्ट ने 17 सितंबर 2018 को ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। इस मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी समेत 16 लोगों को आरोपित बनाया गया है। ईडी ने जिन्हें आरोपी बनाया है उनमें लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, मेसर्स लारा प्रोजेक्ट एलएलपी, सरला गुप्ता, प्रेमचंद गुप्ता, गौरव गुप्ता, नाथ मल ककरानिया,राहुल यादव, विजय त्रिपाठी, देवकी नंदन तुलस्यान,मेसर्स सुजाता होटल, विनय कोचर, विजय कोचर,राजीव कुमार रेलान और मेसर्स अभिषेक फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।
लालू पर आरोप है कि उन्होंने रेल मंत्री रहते हुए रेलवे के दो होटलों को आईआरसीटीसी को ट्रांसफर किया और होटलों की देखभाल के लिए टेंडर जारी किये। रांची और पुरी के दो होटलों का आवंटन कोचर बंधु की कंपनी सुजाता होटल को ट्रांसफर किया गया था।
