
घाटे में आईपीओ निवेशक
नई दिल्ली : (New Delhi) पर्नियाज पॉप अप शॉप की पैरेंट कंपनी पर्पल स्टाइल लैब्स लिमिटेड (Purple Style Labs Limited) के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में कमजोरी के साथ एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 575 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 6.26 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 539 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग 6.96 प्रतिशत डिस्काउंडट के साथ 535 रुपये के स्तर पर हुई।
कमजोर लिस्टिंग के बाद बिकवाली के दबाव में ये शेयर गिर कर 515.85 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। हालांकि थोड़ी देर बाद ही खरीदारों ने लिवाली शुरू कर दी। लिवाली के सपोर्ट से ये शेयर उछल कर 588.90 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। इसके बाद मुनाफा वसूली शुरू हो जाने के कारण इस शेयर की चाल में दोबारा गिरावट आ गई। बाजार में लगातार जारी खरीद बिक्री के बीच दोपहर 12:15 बजे तक का कारोबार होने के बाद ये शेयर 543.20 रुपये के स्तर पर आ गए थे। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 31.80 रुपये यानी 5.53 प्रतिशत का नुकसान हो चुका है।
इस कंपनी का 680 करोड़ रुपये का आईपीओ 31 अगस्त से दो सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से फीका रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 1.36 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (qualified institutional buyers) (QIBs) के लिए रिजर्व पोर्शन 1.50 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (non-institutional investors) (NIIs) के लिए रिजर्व पोर्शन में 0.89 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 1.66 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 1,18,26,086 नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ में शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपनी पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडरी पीएसएल रिटेल में निवेश करने, सेल्स और मार्केटिंग करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
पर्पल स्टाइल लैब्स की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (draft red herring prospectus) (DRHP) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार डांवाडोल बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 47.71 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 188.38 करोड़ रुपये स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध घाटा उछल कर 285.40 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 510.03 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 494 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को कुल 567.07 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 116.33 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 112.79 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस वित्त वर्ष के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ तीन गुना से भी ज्यादा बढ़ कर 371.40 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (earnings before interest, taxes, depreciation, and amortization) में भी इस अवधि में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 31.63 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 41.99 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में घट कर 30.37 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
