
नई दिल्ली/मुंबई : (New Delhi/Mumbai) वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल (Commerce Secretary Rajesh Agrawal) ने बुधवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) (bilateral trade agreement) लगभग अंतिम रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि कुछ मुद्दों को लेकर दोनों पक्षों के बीच में बातचीत जारी है।
वाणिज्य सचिव ने मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 (Global Fintech Fest 2026 in Mumbai) के मौके पर संवाददाताओं से बात करते हुए यह बात कही। अग्रवाल ने कहा, “कुछ चीजें हैं जिन पर दोनों पक्ष चर्चा कर रहे हैं, लेकिन उचित समय पर इस पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।” उन्होंने कहा कि सही समय पर समझौते पर हस्ताक्षर होने से पहले, दोनों पक्ष प्रेफरेंशियल मार्केट एक्सेस (बाजार में खास पहुंच) के लिए एक फ्रेमवर्क पर काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि किसी भी व्यापार समझौते में दोनों देशों को एक-दूसरे के बाजार में कुछ विशेष रियायतें देना जरूरी होता है। वाणिज्य सचिव ने आगे कहा कि प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत भारत और अमेरिका को एक-दूसरे के बाज़ारों में प्राथमिकता के आधार पर पहुंच सुनिश्चित करने की ज़रूरत है।
इससे पहले वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने ‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026’ में एक सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि टिकाऊ वृद्धि को हासिल करने के लिए भारतीय उद्योग को सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) तथा आईटी आधारित सेवाओं एवं पेशेवर सेवाओं के दो प्रमुख क्षेत्रों से आगे बढ़कर अपने सेवा निर्यात में विविधता लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वैश्विक वित्तीय सेवा क्षेत्र बढ़ रहा है और इसका आकार करीब 670 अरब अमेरिकी डॉलर है, लेकिन इसमें भारत की हिस्सेदारी केवल 8 अरब डॉलर है, जो वैश्विक व्यापार का एक फीसदी से कुछ ही अधिक है।
