
मुंबई : (Mumbai) विवाह प्रमाणपत्र जारी करने के एवज में सरकारी शुल्क के अतिरिक्त रिश्वत मांगने वाले बृहन्मुंबई महानगरपालिका (Brihanmumbai Municipal Corporation) (BMC) के एक लिपिक को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Anti-Corruption Bureau) (ACB) ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान स्वप्नील गोविंद म्हात्रे (49) के रूप में हुई है। वह मनपा के के/पश्चिम वॉर्ड के स्वास्थ्य विभाग में लिपिक के पद पर कार्यरत है।
मिली जानकारी के अनुसार, 24 वर्षीय शिकायतकर्ता ने विवाह प्रमाणपत्र के लिए के/पश्चिम वॉर्ड के स्वास्थ्य विभाग (K/West ward health department) में आवेदन किया था। आरोप है कि प्रमाणपत्र जारी करने के लिए म्हात्रे ने 7 सितंबर 2026 को सरकारी शुल्क के अलावा पहले 1,500 रुपये रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था। इसलिए उसने 8 सितंबर को मुंबई स्थित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।
पड़ताल में 2 हजार रुपये की मांग की पुष्टि
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने 8 सितंबर को मामले की प्राथमिक पड़ताल की। इस दौरान आरोपी लोकसेवक स्वप्नील म्हात्रे (Swapnil Mhatre) द्वारा शिकायतकर्ता से 2,000 रुपये रिश्वत की मांग किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद एसीबी ने आरोपी को रंगेहाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
कार्यालय में रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा
एसीबी की टीम ने 9 सितंबर 2026 को निर्धारित योजना के अनुसार जाल बिछाया। इस दौरान स्वप्नील म्हात्रे ने शिकायतकर्ता से 2,000 रुपये रिश्वत स्वीकार की। इसके तुरंत बाद एसीबी अधिकारियों ने उसे मनपा के के/पश्चिम वॉर्ड स्थित स्वास्थ्य विभाग (Municipal Corporation’s K/West Ward) के कार्यालय में रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान आरोपी लोकसेवक की तलाशी ली गई, जिसमें उसका मोबाइल फोन जब्त किया गया। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत अपराध दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू है। एसीबी के अनुसार आरोपी को 9 सितंबर 2026 को दोपहर 12:34 बजे हिरासत में लिया गया। मामले की आगे की जांच जारी है।
