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New Delhi : ईडी का बैंक धोखाधड़ी के दो केस में सात राज्यों में छापा

New Delhi: ED raids seven states in two bank fraud cases

नई दिल्ली : (New Delhi) प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) (ED) ने आज बैंक धोखाधड़ी और ऋण के कथित दुरुपयोग से जुड़े दो मामलों (two cases involving bank fraud and alleged misuse of loans) में बिहार, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, कर्नाटक और तेलंगाना में कई जगह छापा मारा है।

ईडी के पटना जोनल कार्यालय ने बिहार के गया स्थित रामनंदी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स लिमिटेड से जुड़े मामले में पीएमएलए की धारा 17 के तहत गया, गुरुग्राम और नई दिल्ली में नौ जगह छापा मारा है। कोलकाता जोनल कार्यालय ने ओडिशा के एआरएसएस समूह और एएमआर/एएमआरएल समूह (ARSS Group and the AMR/AMRL Group) से जुड़े प्रवर्तकों तथा संबंधित संस्थाओं के ठिकानों पर कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद में दबिश दी है।

ईडी दोनों मामलों में कथित तौर पर बैंक ऋण में धोखाधड़ी (bank loan fraud), धन के दुरुपयोग, ऋण की अदायगी में अनियमितता और लेनदेन के जरिए धन को इधर-उधर करने की जांच कर रहा है।

पटना जोनल कार्यालय रामनंदी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स लिमिटेड (Ramanandi Hotels and Resorts Limited) के बैंक धोखाधड़ी मामले की जांच कर रहा है। कंपनी गया में संचालित है और अखौरी गोपाल तथा उनके बेटों निशांत और नितेश के नियंत्रण में है। जांच के दौरान एजेंसी को पता चला कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह ने कंपनी को करीब 85 करोड़ रुपये का ऋण दिया था। आरोप है कि इसमें से करीब 58 करोड़ रुपये को फर्जी या जाली परियोजना पूर्णता रिपोर्ट के आधार पर दूसरी जगह भेज दिया गया। ये रिपोर्ट कंपनी के चार्टर्ड अकाउंटेंट की ओर से उपलब्ध कराए जाने की बात जांच में सामने आई है।

ईडी के अनुसार, उक्त ऋण के लिए अखौरी गोपाल और उनके परिवार के सदस्यों ने बैंकों को व्यक्तिगत गारंटी भी दी थी। संबंधित समूह की एक अन्य इकाई की देनदारी के बदले पांच संपत्तियां टाटा मोटर्स लिमिटेड (Tata Motors Limited) के पास गिरवी या बंधक रखी गई थी। जांच एजेंसी के मुताबिक, इन संपत्तियों को गिरवी या बंधक रखे जाने के बावजूद हाल में बेच दिया गया। बिक्री दस्तावेजों में इन संपत्तियों का मूल्य कथित तौर पर वास्तविक मूल्य से काफी कम दिखाया गया और बिक्री की रकम को नकद प्राप्ति के रूप में दर्ज किया गया।

ईडी को कुछ खरीदारों की वित्तीय क्षमता पर भी संदेह है। एजेंसी के अनुसार, इनमें से कुछ खरीदार इतने बड़े मूल्य की संपत्तियां खरीदने के लिए आवश्यक रकम जुटाने में सक्षम नहीं दिखते। ऐसे में उनके अखौरी गोपाल के बेनामी या प्रॉक्सी होने की आशंका की जांच की जा रही है। ईडी को संदेह है कि संपत्तियों की बिक्री का उद्देश्य उन्हें एजेंसी की संभावित कार्रवाई से बचाने के लिए अलग करना हो सकता है। एजेंसी इस पूरे लेनदेन, संपत्तियों के वास्तविक मूल्य, बिक्री से प्राप्त रकम और खरीदारों के साथ कथित संबंधों की जांच कर रही है।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (Central Bureau of Investigation) (CBI) के आरोपपत्र के अनुसार, इस मामले में अपराध से अर्जित संपत्ति की राशि करीब 131.79 करोड़ रुपये बताई गई है। यह राशि गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (non-performing assets) (NPAs) के मूल्य से संबंधित है। ईडी ने इस मामले में कुल नौ स्थानों पर छापा मारा है। इनमें गया में छह, गुरुग्राम में दो और नई दिल्ली में एक स्थान शामिल है। तलाशी पीएमएलए, 2002 की धारा 17 के तहत की जा रही है।

दूसरी कार्रवाई में ईडी के कोलकाता जोनल कार्यालय ने ओडिशा के एआरएसएस समूह और एएमआर/एएमआरएल समूह से जुड़े प्रवर्तकों तथा संबंधित संस्थाओं के परिसरों पर छापा मारा है। यह कार्रवाई एसआरईआई इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड (SREI Infrastructure Finance Limited) (SIFL) और एसआरईआई इक्विपमेंट फाइनेंस लिमिटेड (SREI Equipment Finance Limited) (SEFL) से कथित धोखाधड़ी या अनियमित तरीके से लिए गए ऋण और बाद में उनका भुगतान नहीं किए जाने से जुड़ी जांच के तहत की जा रही है।

ईडी के अनुसार, एआरएसएस समूह के पूर्व प्रवर्तक और निदेशक परिवार के सदस्यों अनिल अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, सुनील अग्रवाल और सुभाष अग्रवाल तथा एएमआर/एएमआरएल समूह से जुड़े प्रवर्तक महेश कुमार रेड्डी अल्थुरु से संबंधित परिसरों की तलाशी ली जा रही है।

जांच एजेंसी के अनुसार, ऋण राशि को पुराने ऋण की अदायगी के लिए नए ऋण के जरिए बनाए रखने, धन के कथित दुरुपयोग, एक इकाई से दूसरी इकाई और फिर वापस धन पहुंचाने तथा अन्य वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच की जा रही है। एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि ऋण से प्राप्त धन का वास्तविक इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया और क्या उसे संबंधित संस्थाओं के बीच कथित तौर पर घुमाया गया। इस मामले में कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद में विभिन्न परिसरों पर छापा मारा गया है।