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New Delhi : स्टॉक मार्केट में क्वालिएंस इंटरनेशनल की धमाकेदार शुरुआत

New Delhi: Qualiance International Makes a Brilliant Debut in the Stock Market

आईपीओ निवेशक हुए खुश
नई दिल्ली : (New Delhi)
सरकारी और बड़ी विदेशी कंपनियों के लिए टेक्निकल गारमेंट्स की डिजाइनिंग और प्रोडक्शन का काम करने वाली कंपनी क्वालिएंस इंटरनेशनल लिमिटेड (Qualiance International Limited) के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में धमाकेदार शुरुआत कर अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 127 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 77.09 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 224.90 रुपये के स्तर पर हुई।

मजबूत लिस्टिंग के बाद लिवाली के सपोर्ट से ये शेयर कुछ देर में ही उछल कर 236.10 रुपये के अपर सर्किट लेवल पर आ गया। इस तरह पहले दिन के कारोबार में ही कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 109.10 रुपये यानी 85.91 प्रतिशत का फायदा हो गया। इस आईपीओ में एक लॉट 1,000 शेयर का था। इस तरह पहले दिन ही आईपीओ निवेशकों को प्रति लॉट 1,09,100 रुपये तक का फायदा हो गया।

इस कंपनी का 45.11 करोड़ रुपये का आईपीओ चार से आठ सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 459.22 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (Qualified Institutional Buyers) (QIBs) के लिए रिजर्व पोर्शन 299.60 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (Non-Institutional Investors) (NIIs) के लिए रिजर्व पोर्शन में 699.59 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 447.13 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 35.52 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ में शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी तमिलनाडु के तिरुपुर में नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने, पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, आईपीओ से जुड़े खर्च की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

क्वालिएंस इंटरनेशनल लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (draft red herring prospectus) (DRHP) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 2.84 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 4.90 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 11.87 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 38.14 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 55.06 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 80.95 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 19.17 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 29.71 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ मामूली गिरावट के साथ 28.50 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 8.92 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 13.82 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 24.74 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 10.41 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस उछल कर 14.54 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस बढ़ कर 24.75 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (earnings before interest, taxes, depreciation and amortization) 2023-24 में 4.86 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 7.97 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 16.72 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।