
नई दिल्ली : (New Delhi) एनपीएस वात्सल्य योजना (NPS Vatsalya scheme) के दो साल पूरे होने पर देश में कुल 4.9 लाख पेंशन खाते खुल चुके हैं। इसका प्रबंधन अधीन कुल परिसंपत्ति (assets under management) (AUM) 403 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (Pension Fund Regulatory and Development Authority) (PFRDA) के मुताबिक 18 साल से कम उम्र के बच्चों लिए शुरू की गई एनपीएस वात्सल्य के तहत पिछले दो वर्षों में 4.9 लाख पेंशन खाते खुले हैं। इसके तहत प्रबंधन अधीन परिसंपत्ति 403 करोड़ रुपये पहुंच गई है। पिछले दो वर्षों में पंजीकरण बढ़ाने और कम उम्र में वित्तीय योजना शुरू करने के महत्व को लेकर जागरूकता फैलाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। पेंशन विनियामक ने कहा कि सात जनवरी को जारी और 23 फरवरी से प्रभावी एनपीएस वात्सल्य योजना के दिशा-निर्देशों ने अंशदान, निवेश, निकासी और वयस्क होने के बाद योजना में बदलाव की प्रक्रिया को मजबूत किया है।
पीएफआरडीए के अनुसार योजना में न्यूनतम अंशदान राशि को घटाकर 250 रुपये कर दिया गया है और अधिकतम अंशदान की कोई सीमा नहीं है। साथ ही आंशिक निकासी की सुविधा को दो बार से बढ़ाकर चार बार किया गया है और निवेश विकल्पों को सुगम करते हुए इक्विटी में 100 फीसदी तक निवेश की अनुमति दी गई है। नियामक ने कहा कि एनपीएस वात्सल्य के तीसरे वर्ष में प्रवेश के साथ इसका लक्ष्य देशभर में अधिक बच्चों, परिवारों और समुदायों तक इस योजना को पहुंचाना है।
पीएफआरडीए ने कहा कि उपहार अंशदान सुविधा के तहत आप रिश्तेदार और मित्र भी बच्चे के दीर्घकालिक वित्तीय भविष्य के लिए योगदान कर सकते हैं। केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण (Union Finance and Corporate Affairs Minister Nirmala Sitharaman) ने 18 सितंबर, 2024 को एनपीएस वात्सल्य योजना की शुरुआत की थी। यह नाबालिगों के लिए अंशदान आधारित बचत और दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा योजना है।
