
भिवंडी : (Bhiwandi) महाराष्ट्र के बहुचर्चित शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) (high-profile Maharashtra Teacher Eligibility Test) पेपर लीक मामले में सोमवार को भिवंडी न्यायालय में अहम सुनवाई हुई। मामले में गिरफ्तार राजीव शाव (45), आकाश कुमार (30), धीरज सिंह (28) और कथित मास्टरमाइंड की पत्नी सुमन कुमारी गुप्ता (Rajiv Shaw (45), Akash Kumar (30), Dheeraj Singh (28), and Suman Kumari Gupta) को न्यायाधीश एस. एम. सुतार (court of Judge S.M. Sutar) की अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने चारों आरोपियों को 18 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मामले की अगली सुनवाई भी 18 जुलाई को होगी।
पुलिस ने नहीं मांगी आगे की हिरासत
चारों आरोपी पिछले 10 दिनों से कोनगांव पुलिस की हिरासत में थे। सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि आरोपियों से आवश्यक पूछताछ पूरी कर ली गई है और फिलहाल आगे पुलिस हिरासत की आवश्यकता नहीं है। इसके बाद अदालत ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
बचाव पक्ष ने जांच में सहयोग का किया दावा
आरोपियों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता शैलेश गायकवाड़ (Advocate Shailesh Gaikwad) ने बताया कि चारों आरोपियों ने पुलिस हिरासत के दौरान जांच में पूरा सहयोग किया। उनसे पूछताछ पूरी हो चुकी थी, इसलिए पुलिस ने भी आगे पुलिस कस्टडी की मांग नहीं की। इसी आधार पर अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
आगरा से महाराष्ट्र तक पहुंचा था प्रश्नपत्र
गौरतलब है कि महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पेपर लीक मामले की जांच कोनगांव पुलिस कर रही है। जांच में अब तक सामने आया है कि परीक्षा का प्रश्नपत्र कथित तौर पर उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित एक प्रिंटिंग प्रेस से अवैध रूप से बाहर निकाला गया और दिल्ली के रास्ते महाराष्ट्र (printing press in Agra, Uttar Pradesh, and transported to Maharashtra via Delhi) पहुंचाया गया। इसके बाद संगठित नेटवर्क के जरिए प्रश्नपत्र अभ्यर्थियों तक पहुंचाने की साजिश रची गई।
अब तक 10 आरोपी गिरफ्तार, मास्टरमाइंड अब भी फरार
जांच एजेंसियों ने अब तक इस मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, पेपर लीक रैकेट का कथित मुख्य साजिशकर्ता समेत कुछ अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। पुलिस आर्थिक लेन-देन, डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल डेटा और पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है।
18 जुलाई की अगली सुनवाई पर टिकीं निगाहें
अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में सभी की नजर 18 जुलाई पर टिकी है, जब चारों आरोपियों को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा। उसी दिन न्यायालय के समक्ष जांच की प्रगति का ब्यौरा प्रस्तुत किया जाएगा और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर निर्णय लिया जाएगा।
