
नई दिल्ली : (New Delhi) कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Congress leader Rahul Gandhi) ने बुधवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग- राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (University Grants Commission-National Eligibility Test) (यूजीसी-नेट) में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi-led central government) पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कई बार ‘घोटाले’ होने के बावजूद सरकार आंखें मूंदे बैठी है और आराम से सो रही है। उसके लिए लाखों छात्रों की वर्षों की मेहनत की कोई कीमत नहीं है।
राहुल गांधी ने क्या कहा?
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, पूरे देश को पता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Prime Minister Narendra Modi and Union Education Minister Dharmendra Pradhan) से किसी जवाबदेही या कार्रवाई की उम्मीद करना बेकार है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच पर एक मीडिया रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट साझा किया। इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि हरियाणा के रोहतक में छात्र नेताओं ने जून 2026 में यूजीसी-नेट को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। यह परीक्षा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) (National Testing Agency) ने आयोजित कराई थी।
कांग्रेस नेता ने क्या आरोप लगाए?
राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, पिछले सप्ताह हुई यूजीसी-नेट को लेकर सामने आए गंभीर आरोप बेहद चौंकाने वाले हैं। नीट प्रश्न पत्र लीक के कुछ हफ्तों बाद अब खबरें सामने आ रही हैं कि यूजीसी-नेट से ठीक पहले 100 पन्नों का एक पीडीएफ वितरित किया गया था। उन्होंने कहा कि यह पीडीएफ प्रश्न पत्र तैयार करने से जुड़ा था। यह सिर्फ राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के पास होता है। राहुल गांधी ने दावा किया कि इस पीडीएफ में दिए गए करीब 90 सवाल असली समाजशास्त्र के प्रश्न पत्र से मिल रहे थे।
2.25 लाख रुपये में बेचा जा रहा था प्रश्न पत्र?
राहुल गांधी ने आगे आरोप लगाया कि बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान (Bihar, Uttar Pradesh, Haryana, Delhi, and Rajasthan) में प्रश्न पत्र को 2.25 लाख रुपये में बेचा जा रहा था। उन्होंने यह भी दावा किया कि इसी गिरोह ने सीएसआईआर-नेट, एचटीईटी और एडीए जैसी आने वाली परीक्षाओं के प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने का दावा किया था। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, नीट और नेट में बार-बार घोटालों के बाद भी मोदी सरकार आंखें मूंदे बैठी है और आराम से सो रही है, क्योंकि लाखों छात्रों की वर्षों की मेहनत की उनके लिए कोई कीमत नहीं है, जो रात-दिन मेहनत करते हैं।
एनटीए ने नहीं दी कोई प्रतिक्रिया
एनटीए की ओर से राहुल गांधी के आरोपों पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। राहुल गांधी ने कहा कि कोई जांच नहीं होगी और छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि बदलाव का एकमात्र रास्ता लोगों की सामूहिक आवाज है। पूरे देश में छात्रों की गूंज ही भारत में शिक्षा क्रांति लेकर आएगी। उन्होंने कहा कि छात्रों की यह आवाज बदलाव लाएगी।
