
नई दिल्ली : (New Delhi) देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (asset management company) (AMC) एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में मजबूती के साथ एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 574 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 6.27 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 610 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग 6.85 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 613.30 रुपये के स्तर पर हुई।
लिस्टिंग के बाद लिवाली के सपोर्ट से ये शेयर 624.90 रुपये तक चढ़ गया, वहीं बिकवाली का दबाव बनने पर ये टूट कर 610 रुपये के स्तर तक भी आया। सुबह 10:30 बजे तक का कारोबार होने के बाद एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट (SBI Funds Management) के शेयर 617.80 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 43.80 रुपये यानी 7.63 प्रतिशत का फायदा हो गया है।
इस कंपनी का 9,812.91 करोड़ रुपये का आईपीओ 14 से 16 जुलाई के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 41.73 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (qualified institutional buyers) (QIBs) के लिए रिजर्व पोर्शन 140.11 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (non-institutional investors) (NIIs) के लिए रिजर्व पोर्शन में 22.51 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। वहीं रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 3.76 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसके अलावा एंप्लॉयीज के लिए रिजर्व पोर्शन में 4.65 गुना और शेयर होल्डर्स के लिए रिजर्व पोर्शन में 9.52 गुना सब्सक्रिप्शन आया था।
इस आईपीओ के तहत कोई नया शेयर नहीं जारी हुआ हैं बल्कि ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत एक रुपये फेस वैल्यू वाले 17,09,56,631 शेयरों की बिक्री हुई है। इसमें से 12,83,34,397 शेयर एसबीआई ने और 7,53,74,842 शेयर एमुंडी इंडिया होल्डिंग ने बेचे हैं। चूंकि ये इश्यू पीरी तरह से ऑफर फॉर सेल का था, इसलिए इस आईपीओ के जरिये आया पैसा एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट को नहीं मिला, बल्कि शेयर बेचने वाले प्रमोटर्स एसबीआई और एमुंडी इंडिया को मिला।
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (Draft Red Herring Prospectus) (DRHP) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 2,072.79 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 2,540.15 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 3,067.38 करोड़ रुपये हो गया।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 3,426.08 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 4,236.15 करोड़ रुपये और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में उछल कर 4,976.11 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 182.02 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 255.12 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 326.73 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
कंपनी के नेटवर्थ की बात करें तो इस दौरान इस मद में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 6,747.45 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 8,297.53 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ घट कर 5,963.06 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (earnings before interest, taxes, depreciation and amortization) 2023-24 में 2,718.82 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 3,412.94 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 4,058.44 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
