
नई दिल्ली : (New Delhi) पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच टकराव की आशंका से अंतरराष्ट्रीय बाजार (international market) में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड (Brent crude) गुरुवार को करीब 5 फीसदी बढ़कर 98.65 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जो पिछले छह सप्ताह का सबसे ऊंचा स्तर है।
अमेरिकी क्रूड ऑयल बेंचमार्क डब्ल्यूटीआई (US crude oil benchmark, WTI) में भी तेजी दर्ज की गई। डब्ल्यूटीआई क्रूड 4.25 फीसदी की बढ़त के साथ 90.52 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आपूर्ति बाधित होने की आशंका के कारण कीमतों पर दबाव बढ़ा है।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भारत जैसे आयात निर्भर देशों की चिंता बढ़ा दी है। इससे महंगाई, रुपये की कमजोरी और विदेशी निवेश प्रवाह पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
तेल विपणन कंपनियों के मार्जिन पर भी दबाव बढ़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, महंगे कच्चे तेल के कारण डीजल पर कंपनियों को करीब 20.4 रुपये प्रति लीटर तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
