बुधवार, 28 अक्टूबर 2026

खोजें (Search News)

ताजा खबर
13:19चेतना सिंह ने लॉन्च किया नया डिजिटल मनोरंजन मंच•06:55मध्य रेल ने माल ढुलाई से 3,400 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया•07:28Nanded : किसानों को बेसहारा नहीं छोड़ा जाएगा: सुनेत्रा पवार•12:03New Delhi : दिल्ली हाई कोर्ट ने पुलिस से कहा- बैंक कर्मचारियों को विरोध-प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक जगह उपलब्ध कराएं•07:17Islamabad : पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर गोलीबारी•11:51Mumbai : एनएसई के शेयर की लिस्टिंग एक ऐतिहासिक मील का पत्थर: आशीष चौहान•10:33New Delhi : नेशनल स्टॉक एक्सचेंज मार्केट कैप के लिहाज से शीर्ष 10 कंपनियों में हुआ शामिल•10:20Mumbai : साहिल वाकोडे आत्महत्या मामले में निष्पक्ष जांच हो : उदय भानू चिंब•13:19चेतना सिंह ने लॉन्च किया नया डिजिटल मनोरंजन मंच•06:55मध्य रेल ने माल ढुलाई से 3,400 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया•07:28Nanded : किसानों को बेसहारा नहीं छोड़ा जाएगा: सुनेत्रा पवार•12:03New Delhi : दिल्ली हाई कोर्ट ने पुलिस से कहा- बैंक कर्मचारियों को विरोध-प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक जगह उपलब्ध कराएं•07:17Islamabad : पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर गोलीबारी•11:51Mumbai : एनएसई के शेयर की लिस्टिंग एक ऐतिहासिक मील का पत्थर: आशीष चौहान•10:33New Delhi : नेशनल स्टॉक एक्सचेंज मार्केट कैप के लिहाज से शीर्ष 10 कंपनियों में हुआ शामिल•10:20Mumbai : साहिल वाकोडे आत्महत्या मामले में निष्पक्ष जांच हो : उदय भानू चिंब•

Film Review : ‘दुल्हनिया ले आएगी’ मनोरंजन और पारिवारिक मूल्यों का बेहतरीन मेल

Film Review: 'Dulhania Le Aayegi' A Perfect Blend of Entertainment and Family Values

फिल्म: ‘दुल्हनिया ले आएगी’

कलाकार: खुशाली कुमार, महेश मांजरेकर, पियूष मिश्रा, स्नेहिल दीक्षित, ओमकार कपूर, अगू स्टेनली

निर्देशक: आकाशादित्य लामा

लेखक: जयंत गुप्ता, अनुप्रिया रॉय

शैली: रोमांटिक कॉमेडी | पारिवारिक ड्रामा

रेटिंग: ⭐⭐⭐½ (3.5/5)

शादी और बारात पर आधारित फिल्में बॉलीवुड में पहले भी कई बार बन चुकी हैं, लेकिन ‘दुल्हनिया ले आएगी’ (Dulhania Le Aayegi) अपने अनोखे कॉन्सेप्ट की वजह से अलग पहचान बनाती है। यहां दूल्हा बारात लेकर दुल्हन के घर नहीं आता, बल्कि दुल्हन खुद अपने लिए दूल्हा ढूंढ़ने निकल पड़ती है। इसी दिलचस्प विचार के साथ फिल्म हंसी, भावनाओं और पारिवारिक रिश्तों का खूबसूरत मेल पेश करती है। निर्देशक आकाशादित्य लामा ने एक हल्की-फुल्की लेकिन दिल को छू लेने वाली कहानी को मनोरंजक अंदाज़ में बड़े पर्दे पर उतारा है।

कहानी

फिल्म की कहानी नव्या (Khushali Kumar) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक बड़ी कंपनी में एचआर हेड है। उसके पिता देवी प्रसाद (Mahesh Manjrekar) अपनी बेटी की शादी को लेकर बेहद खुश हैं और पूरे परिवार में शादी की तैयारियां चल रही हैं, लेकिन शादी से ठीक पहले नव्या को अपने होने वाले पति की असलियत पता चलती है। उसे मालूम होता है कि उसका मंगेतर महिलाओं का सम्मान नहीं करता और धोखेबाज़ है। इसके बाद वह शादी तोड़ने का फैसला करती है।

हालांकि, उसके सामने सबसे बड़ी चिंता अपने बीमार पिता की सेहत होती है। उन्हें सदमा न लगे, इसलिए नव्या एक ऐसा फैसला लेती है, जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता। वह उसी मंडप में शादी करने के लिए नए दूल्हे की तलाश शुरू कर देती है। इस सफर में उसे कई अजीब, मजेदार और भावुक परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। कहानी आगे बढ़ते हुए रिश्तों, भरोसे और सही जीवनसाथी चुनने के महत्व को मनोरंजक अंदाज़ में पेश करती है।

निर्देशन

निर्देशक आकाशादित्य लामा ने फिल्म को हल्के-फुल्के अंदाज़ में पेश किया है। उन्होंने कॉमेडी और भावनाओं के बीच अच्छा संतुलन बनाया है। फिल्म कहीं भी जरूरत से ज्यादा गंभीर नहीं होती और न ही अपनी कहानी से भटकती है। लेखक जयंत गुप्ता और अनुप्रिया रॉय ने मध्यमवर्गीय परिवार की भावनाओं, शादी की तैयारियों और रिश्तों की गर्माहट को सहज तरीके से पर्दे पर उतारा है। कई दृश्य दर्शकों को खुलकर हंसाते हैं, जबकि कुछ पल भावुक भी कर देते हैं।

अभिनय

खुशाली कुमार ने नव्या के किरदार में आत्मविश्वास और परिपक्वता दिखाई है। भावनात्मक और कॉमिक दोनों तरह के दृश्यों में उनका अभिनय प्रभाव छोड़ता है। महेश मांजरेकर एक स्नेही और जिम्मेदार पिता के किरदार में बेहद स्वाभाविक लगे हैं। उनके और खुशाली के बीच के भावनात्मक दृश्य फिल्म की बड़ी ताकत बनते हैं। पियूष मिश्रा अपने खास अंदाज़ और संवाद अदायगी से मनोरंजन बढ़ाते हैं। वहीं स्नेहिल दीक्षित फिल्म की सबसे बड़ी सरप्राइज पैकेज साबित होती हैं। उनकी शानदार कॉमिक टाइमिंग कई दृश्यों में हंसी के ठहाके लगवाती है। ओमकार कपूर और अगू स्टेनली भी अपने किरदारों के साथ न्याय करते हैं।

तकनीकी पक्ष

फिल्म की सिनेमैटोग्राफी रंगीन और आकर्षक है। शादी का माहौल, संगीत और पारिवारिक माहौल को खूबसूरती से फिल्माया गया है। बैकग्राउंड स्कोर कहानी के साथ मेल खाता है और फिल्म की गति भी पूरे समय बनी रहती है। संपादन कसा हुआ है, जिससे फिल्म कहीं भी बोझिल महसूस नहीं होती।

फाइनल वर्डिक्ट

‘दुल्हनिया ले आएगी’ एक साफ-सुथरी पारिवारिक रोमांटिक कॉमेडी है, जो मनोरंजन के साथ रिश्तों की अहमियत और सही फैसले लेने का संदेश भी देती है। फिल्म का अनोखा विषय, हल्का-फुल्का हास्य, भावनात्मक कहानी और कलाकारों का प्रभावशाली अभिनय इसे एक मनोरंजक अनुभव बनाते हैं। अगर आप परिवार के साथ ऐसी फिल्म देखना चाहते हैं, जिसमें हंसी, इमोशन और दिल को छू लेने वाले पल हों, तो ‘दुल्हनिया ले आएगी’ इस सप्ताह आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है।