
मुंबई : (Mumbai) अभिनेता यश (Actor Yash) ने नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ में रावण (role of Ravana in Nitesh Tiwari’s highly anticipated film ‘Ramayana’) की भूमिका को अपने करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण किरदारों में से एक बताया है।
सैन डिएगो कॉमिक-कॉन (San Diego Comic-Con) में फिल्म की टीम के साथ पहुंचे यश ने कहा कि रामायण केवल अच्छाई और बुराई की कहानी नहीं, बल्कि दो अलग-अलग विचारधाराओं और जीवन यात्राओं का चित्रण है। उनके मुताबिक, भगवान राम और रावण के सफर में मौजूद अंतर ही इस महागाथा को हर दौर में प्रासंगिक बनाता है।
यश ने कहा कि भगवान राम ने अपने आदर्शों, धैर्य और अच्छे कर्मों के बल पर सब कुछ हासिल किया, जबकि रावण ने अपनी शक्ति और ज्ञान के बावजूद अहंकार और प्रतिशोध के कारण अपना पतन स्वयं तय किया। उन्होंने कहा, “जब आप किसी राक्षस से लड़ते हैं, तो यह भी ध्यान रखना होता है कि कहीं आप खुद उससे बड़ा राक्षस न बन जाएं।”
यश के अनुसार, रावण केवल एक साधारण खलनायक नहीं था, बल्कि वह विद्वान, शक्तिशाली और कई कलाओं का ज्ञाता था। हालांकि, वह अपनी ताकत और अहंकार पर नियंत्रण नहीं रख सका, जिसने उसे विनाश की ओर पहुंचा दिया।
यश ने बताया कि रामायण से उनका जुड़ाव बचपन से रहा है। उन्होंने कहा कि उनके दादाजी उन्हें रामायण की कहानियां सुनाया करते थे, जिनसे उनके मन में इस महागाथा की एक अलग दुनिया बनी। रावण की भूमिका की तैयारी को लेकर उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किरदार को नया रूप देना नहीं, बल्कि उसकी सोच और उसके फैसलों के पीछे की मंशा को समझना था। उन्होंने निर्देशक नितेश तिवारी (director Nitesh Tiwari) और लेखकों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने रावण के चरित्र को गहराई से समझने में उनकी काफी मदद की।
