
नई दिल्ली : (New Delhi) विभिन्न उद्योगों के लिए थर्ड पार्टी ऑडिटिंग, इंस्पेक्शन, सर्टिफिकेशन और ट्रेनिंग की सर्विस देने वाली कंपनी गल्फ लॉयड्स (India) लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट (stock market) ने फ्लैट एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 100 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म (BSE’s SME platform) पर इसकी लिस्टिंग बिना किसी उतार चढ़ाव के 100 रुपये के स्तर पर ही हुई। लिस्टिंग के बाद बिकवाली शुरू हो जाने के कारण कंपनी के शेयर थोड़ी देर में ही गिर कर 95 रुपये के लोअर सर्किट लेवल पर आ गए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में ही कंपनी के आईपीओ निवेशकों प्रति शेयर पांच रुपये यानी पांच प्रतिशत का नुकसान हो गया।
गल्फ लॉयड्स (Gulf Lloyds) (इंडिया) लिमिटेड 18.19 करोड़ रुपये का आईपीओ 20 से 22 जुलाई के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 10.85 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (non-institutional investors) (NIIs) के लिए रिजर्व पोर्शन में 2.86 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। जबकि रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 18.83 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 18,19,200 नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी ऑफिस प्रेमिसेज के कैपिटल एक्सपेंडिचर, पुराने कर्ज को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
गल्फ लॉयड्स की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (draft red herring prospectus) (DRHP) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत मजबूत नजर आती है। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 4.30 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। इसी तरह 2025-26 में कंपनी को 35.97 करोड़ रुपये के राजस्व की प्राप्ति हुई थी।
कंपनी के नेटवर्थ की बात करें तो पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 13.48 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इस अवधि में गल्फ लॉयड्स के पास 8.71 करोड़ रुपये का रिजर्व और सरप्लस था। अगर कंपनी की ईबीआईटीडीए (earnings before interest, taxes, depreciation, and amortization) की बात करें तो पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 7.90 करोड़ रुपये के स्तर पर थी। अगर कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ की बात करें तो 2025-26 के अंत तक गल्फ लॉयड्स पर 15.68 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ लदा हुआ था।
