
नई दिल्ली : (New Delhi) ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए पार्ट्स बनाने वाली वाली फोर्जिंग एंड मशीनिंग कंपनी मेटालिक टेक्नोफोर्ज (Metallic Technoforge—a forging and machining company) के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में मजबूती के साथ एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 77 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज एनएसई के एसएमई (NSE’s SME platform) प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 12.99 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 87 रुपये के स्तर पर हुई।
लिस्टिंग के बाद लिवाली के सपोर्ट से ये शेयर 90.90 रुपये तक चढ़ गया, वहीं बिकवाली का दबाव बन जाने पर ये टूट कर 84 रुपये के स्तर तक भी आया। सुबह 11:15 बजे तक का कारोबार होने के बाद कंपनी के शेयर 84.05 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 7.05 रुपये यानी 9.16 प्रतिशत का फायदा हो गया है।
इस कंपनी का 49.96 करोड़ रुपये का आईपीओ 21 से 23 जुलाई के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 8.47 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) (Qualified Institutional Buyers) के लिए रिजर्व पोर्शन 4.58 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 17.07 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन सात गुना सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 64.88 लाख नए शेयर बेचे गए हैं। इसमें कोई भी ऑफर फॉर सेल नहीं है। आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने, मौजूदा यूनिट को अपग्रेड करने, पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
मेटालिक टेक्नोफोर्जव (Metallic Technoforge) की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (Draft Red Herring Prospectus) (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 4.26 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 9.03 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 12.36 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति (company’s revenue) में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 51.50 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 75.64 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 97.98 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ भी लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 10.81 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 27.97 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 31.78 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 7.72 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 17.40 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ उछल कर 33.42 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 7.37 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 16.40 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस (reserves and surplus) मामूली गिरावट के साथ 15.92 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया था।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (EBITDA) (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 7.29 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 16.08 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 21.95 करोड़ रुपये के स्तर पर था।
