
नई दिल्ली : (New Delhi) टेक्सटाइल सेक्टर (textile sector) के लिए मशीनरी और सहायक उपकरण बनाने वाली कंपनी लोहिया कॉर्प के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में मजबूती के साथ एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 425 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 8.23 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 460 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग 8.47 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 461 रुपये के स्तर पर हुई।
लिस्टिंग के बाद लिवाली के सपोर्ट से ये शेयर 507.40 रुपये तक चढ़ गया। हालांकि बाद में मुनाफा वसूली के चक्कर में हुई बिकवाली के कारण इसकी चाल में थोड़ी कमजोरी भी आई। सुबह 11:15 बजे तक का कारोबार होने के बाद लोहिया कॉर्प के शेयर 500.95 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 75.95 रुपये यानी 17.87 प्रतिशत का फायदा हो गया है।
इस कंपनी का 1,102.08 करोड़ रुपये का आईपीओ 23 से 27 जुलाई के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 7.26 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (Qualified Institutional Buyers) (QIBs) के लिए रिजर्व पोर्शन 9.11 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (Non-Institutional Investors) (NIIs) के लिए रिजर्व पोर्शन में 6.82 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 2.78 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं एंप्लॉयीज के लिए रिजर्व पोर्शन में 1.39 गुना सब्सक्रिप्शन आया था।
इस आईपीओ के तहत एक रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 2,59,31,407 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेच गए हैं। इस इश्यू के तहत कोई नया शेयर नहीं जारी हुआ है। इसलिए कंपनी को आईपीओ का पैसा नहीं मिला है, बल्कि ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (Draft Red Herring Prospectus) (DRHP) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी को 117.84 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़ कर 193.45 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2024-25 में इसे 1,386.47 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़ कर 1,737.87 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इस अवधि में कंपनी के कर्ज में भी गिरावट आई। वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में कंपनी पर 212.16 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2025-26 में घट कर 152.78 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो वित्त वर्ष 2024-25 में ये 358.14 करोड़ रुपये स्तर पर था, जो अगले वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़ कर 519.16 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। कंपनी का ईबीआईटीडीए (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation and Amortization) 2024-25 में 228.60 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2025-26 में बढ़ कर 339.45 करोड़ रुपये हो गया।
