
मजबूत लिस्टिंग के बाद और उछले शेयर
नई दिल्ली : (New Delhi) प्लास्टिक पैकेजिंग सॉल्यूशंस का निर्माण करने वाली कंपनी धवल पैकेजिंग (Dhawal Packaging, a plastic packaging solutions company) के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट ने प्रीमियम एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 97 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म (BSE’s SME platform) पर इसकी लिस्टिंग 13.4 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 110 रुपये के स्तर पर हुई।
लिस्टिंग के बाद मुनाफावसूली के चक्कर मे हुई बिकवाली के कारण ये शेयर गिर कर 106 रुपये तक आ गया। हालांकि, थोड़ी देर बाद ही खरीदारों ने लिवाली शुरू कर दी, जिससे ये शेयर उछल कर 114 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। पूरे दिन के कारोबार के बाद कंपनी के शेयर 112 रुपये के स्तर पर बंद हुए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 15 रुपये यानी 15.46 प्रतिशत का फायदा हो गया।
इस कंपनी का 36.36 करोड़ रुपये का आईपीओ 30 जुलाई से तीन अगस्त के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 35.52 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (qualified institutional buyers) (QIBs) के लिए रिजर्व पोर्शन 56.38 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (non-institutional investors) (NIIs) के लिए रिजर्व पोर्शन में 75.35 गुना सब्सक्रिप्शन आया था।
इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 40.36 गुना और एंप्लॉयीज के लिए रिजर्व पोर्शन 0.78 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 37,48,800 नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी लगाने, पुराने कर्ज को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
धवल पैकेजिंग की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (draft red herring prospectus) (DRHP) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 1.55 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 6.04 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 8.04 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 48.08 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 52.43 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 65.20 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार-चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 19.28 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में कम होकर 16.55 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 24.13 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 4.10 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 20.16 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 30.75 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 2.10 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस जबरदस्त उछाल के साथ 17.75 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 20.76 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (earnings before interest, taxes, depreciation and amortization) 2023-24 में 4.99 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 10.22 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 13.93 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
