
नई दिल्ली : (New Delhi) केंद्रीय नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू (Union Civil Aviation Minister K. Rammohan Naidu) ने गुरुवार को कहा कि एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) (Aviation Turbine Fuel) में इथेनॉल मिलाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि विमानन सुरक्षा को लेकर गलत जानकारी फैलाने से हवाई यात्रियों में बेवजह चिंता पैदा होती है।
राममोहन नायडू ने गुरुवार को कहा कि सरकार की विमान ईंधन में इथेनॉल मिलाने की योजना का दावा पूरी तरह से गलत और गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। नायडू ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इथेनॉल और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (एसएएफ) (ethanol and Sustainable Aviation Fuel) पूरी तरह से अलग-अलग हैं और इन्हें एक-दूसरे से मिलाना नहीं चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि एसएएफ एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित एविएशन फ्यूल है, जिसे अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (International Civil Aviation Organization) (आईसीएओ) ने मान्यता दी है। इसे दुनियाभर में अपनाया गया है। यह कड़े परीक्षणों से गुजरता है और सुरक्षा के कड़े वैश्विक मानकों को पूरा करता है।
केंद्रीय मंत्री का यह जवाब आम आदमी पार्टी (आआपा) के संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के उस दावे के जवाब में आया है, जिसमें कहा गया था कि सरकार विमान ईंधन में इथेनॉल मिलाने की योजना बना रही है।
