
14 अगस्त को लिस्टिंग
नई दिल्ली : (New Delhi) ग्लोबल इनवेस्टमेंट फर्म केकेआर (global investment firm KKR) की स्वामित्व वाली कंपनी लीप इंडिया लिमिटेड का 2,480 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 11 अगस्त तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 12 अगस्त को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 13 अगस्त को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 14 अगस्त को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के बाद दोपहर दो बजे तक यह आईपीओ को सिर्फ छह प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 151 रुपये से लेकर 159 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 94 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम एक लॉट यानी 94 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,946 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,94,298 रुपये के निवेश से अधिकतम 13 लॉट में 1,222 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत एक रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 15,59,74,841 करोड़ शेयर जारी किए जा रहे हैं। इनमें लगभग 480 करोड़ रुपये के 3,01,88,679 नए शेयर जारी किए जा रहे हैं, जबकि लगभग दो हजार करोड़ रुपये के 12,57,86,162 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (Qualified Institutional Buyers) (QIBs) के लिए 49.97 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 34.98 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (non-institutional investors) (NIIs) के लिए 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा कंपनी के कर्मचारियों के लिए भी 0.05 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व रखा गया है। इस इश्यू के लिए जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि एमयूएफजी इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।
लीप इंडिया लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (draft red herring prospectus) (DRHP) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 37.17 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 37.56 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 62.34 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 371.94 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 485.03 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 747.36 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ भी लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 513.07 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 801.66 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस वित्त वर्ष के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ बढ़ कर 1,017.73 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
कंपनी का रिजर्व और सरप्लस भी इस अवधि में लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 521.84 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 606.09 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 678.78 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था। इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 714.18 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 917.35 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ 1,006.33 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (EBITDA) 2023-24 में 209.92 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 273.80 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 378.83 करोड़ रुपये के स्तर पर था।
