
18 अगस्त को कोर्ट में पेश होने का आदेश
नई दिल्ली : (New Delhi) राऊज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court) ने दिल्ली सरकार के मंत्री परवेश वर्मा की ओर से दायर आपराधिक मानहानि मामले में आम आदमी पार्टी की दिल्ली इकाई के संयोजक सौरभ भारद्वाज को नोटिस जारी किया है। एडिशनल चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट नेहा मित्तल (Additional Chief Judicial Magistrate Neha Mittal) ने सौरभ भारद्वाज को 18 अगस्त को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया।
सुनवाई के दौरान आज परवेश वर्मा (Parvesh Verma) कोर्ट में पेश हुए। इसके पहले एक अगस्त को परवेश वर्मा की ओर से गवाह यशदीप चतुर्वेदी ने अपने बयान दर्ज कराए थे। 25 जुलाई को परवेश वर्मा की ओर से कुछ दस्तावेज और पेन ड्राइव में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य दाखिल किए गए थे। जिसे कोर्ट ने रिकॉर्ड पर ले लिया। 15 जुलाई को परवेश वर्मा की ओर से दो गवाहों- शक्ति सिंह सहरावत और कुलभूषण जैन के बयान दर्ज कराए गए थे।परवेश वर्मा ने 4 जुलाई को अपना बयान दर्ज कराया था। परवेश वर्मा ने कहा था कि सौरभ भारद्वाज ने उनके और उनके परिवार की छवि को खराब करने के लिए झूठे आरोप लगाए।
सौरभ भारद्वाज ने झूठा आरोप लगाया था कि परवेश वर्मा ने बतौर मंत्री अपने पद का गलत इस्तेमाल कर अपने कथित सहयोगी को लगभग पांच सौ करोड़ रुपये के एक निजी स्कूल ट्रस्ट में ट्रस्टी नियुक्त किया।परवेश वर्मा ने आपराधिक मानहानि याचिका में कहा है कि सौरभ भारद्वाज ने 15 एवं 16 मई को उन्हें बदनाम करने की नीयत से ट्वीट किया।
याचिका में कहा गया है कि सौरभ भारद्वाज ने झूठा आरोप लगाया था कि परवेश वर्मा ने बतौर मंत्री अपने पद का गलत इस्तेमाल कर अपने कथित सहयोगी को लगभग पांच सौ करोड़ रुपये के एक निजी स्कूल ट्रस्ट में ट्रस्टी नियुक्त किया। सौरभ भारद्वाज ने ये भी कहा था कि परवेश वर्मा ने स्कूल के कर्मचारियों के पक्ष में काम किया जो पॉक्सो केस (POCSO case) में आरोपी हैं। सौरभ भारद्वाज के ये पोस्ट समाज की नजरों में उनकी छवि को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने के लिए की।
इसी मामले में परवेश वर्मा ने सौरभ भारद्वाज के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) में दीवानी मानहानि का केस दायर किया है। उच्च न्यायालय में दाखिल दीवानी मानहानि याचिका में परवेश वर्मा ने सौरभ भारद्वाज से पांच करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है।
