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New Delhi : स्टॉक मार्केट में मोटे मुनाफे का झांसा देकर 4.75 लाख की ठगी

New Delhi: 4.75 lakh rupees defrauded by promising huge profits in the stock market

आरोपित ओडिशा से गिरफ्तार
नई दिल्ली : (New Delhi)
शेयर बाजार और आइपीओ में निवेश कर कम समय में मोटा और गारंटीड मुनाफा कमाने का झांसा देकर 4.75 लाख रुपये ठगने के मामले में शाहदरा जिला साइबर थाना पुलिस (Shahdara District Cyber ​​Police Station) ने ओडिशा से एक आरोपित को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार आरोपित की पहचान भुवनेश्वर के खोरधा निवासी सुब्रत कुमार साहू के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किया है। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम में से करीब 3.75 लाख रुपये आरोपित से जुड़े सेंट्रल बैंक आफ इंडिया (Central Bank of India) के खाते में पहुंचे थे। इस खाते में महज दो महीने में करीब 2.97 करोड़ रुपये जमा हुए। यही खाता देश के अलग-अलग हिस्सों में दर्ज 17 साइबर ठगी की शिकायतों से जुड़ा मिला है।https://dobajedopahar.com/galle-sarfaraz-khan-joins-team-india-ahead-of-the-first-test-against-sri-lanka/

पुलिस के अनुसार, रामचंदर यादव की शिकायत पर एक अप्रैल को साइबर थाना शाहदरा में ई-एफआइआर दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता को अज्ञात आरोपितों ने वाट्सऐप के एक ग्रुप में जोड़ा था। खुद को शेयर बाजार का विशेषज्ञ और ट्रेडर बताने वाले आरोपितों ने शेयर ट्रेडिंग और आइपीओ में निवेश करने पर अधिक और निश्चित मुनाफे का भरोसा दिया।

शाहदरा जिले के पुलिस उपायुक्त राजेन्द्र प्रसाद मीणा (Shahdara District Deputy Commissioner of Police, Rajendra Prasad Meena) ने सोमवार को बताया कि शुरुआत में आरोपितों ने फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफार्म और ऐप पर निवेश की रकम पर बढ़ा हुआ मुनाफा दिखाया। इससे शिकायतकर्ता को विश्वास हो गया। इसके बाद उसने यूपीआइ और नेट बैंकिंग के जरिये कुल 4.75 लाख रुपये जमा कर दिए। जब उसने कथित मुनाफे की रकम निकालने की कोशिश की तो आरोपितों ने निकासी और प्रोसेसिंग शुल्क के नाम पर उससे 12 लाख रुपये और मांगे। इसके बाद उसे ठगी का अहसास हुआ और उसने पुलिस से शिकायत की।

जांच के दौरान पुलिस टीम ने ठगी की रकम से जुड़े बैंक खातों और लेनदेन का विश्लेषण किया। करीब 3.75 लाख रुपये सेंट्रल बैंक आफ इंडिया के एक खाते में पहुंचे थे। यह खाता एक प्राइवेट फर्म के नाम पर खोला गया था। इसमें सुब्रत कुमार साहू और संतोष कुमार लेंका खाताधारक के रूप में दर्ज थे। फर्म का पता भुवनेश्वर (ओडिशा) का मिला। खाते से जुड़े मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच में सिम सुब्रत कुमार साहू के नाम पर पंजीकृत मिला।

पूछताछ में आरोपित ने पुलिस को बताया कि उसने साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए कई बैंक खाते खुलवाए या उनकी व्यवस्था की थी। उसने करीब सात बैंक खाते खुलवाने की बात बताई, जिनमें कारपोरेट और बचत खाते दोनों शामिल हैं। उसके मोबाइल की जांच में सह-आरोपितों के साथ बैंक खातों और लेनदेन को लेकर बातचीत भी मिली है। जांच में सामने आया कि संबंधित खाते में करीब दो माह के दौरान 2,97,33,000 रुपये जमा हुए।

पुलिस के अनुसार आरोपित सुब्रत और सह-आरोपित संतोष कुमार लेंका बैंक खाते से संबंधित गतिविधियों के सिलसिले में विमान से गुवाहाटी भी गए थे। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और पूरी वित्तीय कड़ी का पता लगा रही है। पुलिस की जांच में इस खाते से देश के अलग-अलग हिस्सों में दर्ज 17 साइबर ठगी की शिकायतें जुड़ी मिली हैं। इससे आशंका है कि बैंक खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी से हासिल रकम को अलग-अलग खातों में भेजने और उसकी परतें बनाने के लिए किया जा रहा था।

ऐसे फंसाते थे लोगों को

आरोपित सोशल मीडिया, वाट्सऐप ग्रुप और टेलीग्राम चैनल (social media, WhatsApp groups, and Telegram channels) के जरिये लोगों से संपर्क करते थे। खुद को निवेश सलाहकार, शेयर ट्रेडर या वित्तीय बाजार का विशेषज्ञ बताकर गारंटीड और अधिक रिटर्न का लालच दिया जाता था। शुरुआत में कम रकम निवेश कराई जाती और फर्जी ऐप पर मुनाफा दिखाया जाता था। कई मामलों में भरोसा बढ़ाने के लिए थोड़ी रकम वापस भी की जाती थी। इसके बाद पीड़ित से बड़ी रकम निवेश कराई जाती। निकासी के समय टैक्स, वेरिफिकेशन, कंप्लायंस या चार्ज के नाम पर अतिरिक्त रकम मांगी जाती। अधिकतम रकम हासिल करने के बाद आरोपित संपर्क तोड़ देते थे। दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने लोगों से वाट्सऐप, टेलीग्राम या सोशल मीडिया पर मिलने वाले निवेश प्रस्तावों से सावधान रहने की अपील की है।