
नई दिल्ली : (New Delhi) केंद्र सरकार ने कहा कि पॉलिसीधारक बीमा से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए बीमा कंपनी या भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (Insurance Regulatory and Development Authority of India) (IRDAI) से संपर्क कर सकते हैं। वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (Department of Financial Services) (DFS) ने इंश्योरेंस पॉलिसीधारकों की शिकायतों के समय पर समाधान के लिए व्यवस्था की जानकारी दी है।
वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को ग्राहकों के लिए एक सलाह जारी की, जिसमें कहा गया कि बीमा से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए कंपनी या फिर आईआरडीएआई से संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा, नागरिक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 155255 या 1800-4254-732 के माध्यम से भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। मंत्रालय ने जारी सलाह में आगे कहा है कि भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (Insurance Regulatory and Development Authority of India) (IRDAI) ने पॉलिसीधारकों की समस्याओं के समाधान के लिए सख्त और समयबद्ध प्रक्रिया निर्धारित की है। इसमें अनुचित दावा अस्वीकृति, देरी, गलत तरीके से बीमा पॉलिसी बेचने (मिस-सेलिंग) या सेवा से जुड़ी अन्य समस्याओं का सामना करने वाले ग्राहकों को एक निर्धारित शिकायत निवारण प्रक्रिया का पालन करने को कहा गया है। ये प्रक्रिया सबसे पहले बीमा कंपनी के स्तर से शुरू होती है और इसके बाद आईआरडीएआई के ‘बीमा भरोसा’ पोर्टल तक पहुंचती है।
वित्त मंत्रालय ने सलाह में कहा है कि बीमा कंपनी का शिकायत निवारण अधिकारी (Grievance Redressal Officer) (GRO) शिकायतों से निपटने के लिए नोडल अधिकारी होता है। बीमा कंपनी के प्रत्येक कार्यालय के लिए अपने अधिकारियों में से एक शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्त करना अनिवार्य है। प्रत्येक बीमा कंपनी द्वारा गठित पॉलिसीधारक संरक्षण, शिकायत निवारण और दावों की निगरानी समिति (PPGR&CM Committee), शिकायतों के प्रभावी और कुशल निवारण को सुनिश्चित करने वाली बोर्ड-स्तरीय समिति है।
मंत्रालय ने कहा है कि बीमा कंपनी को डिजिटल माध्यम, सीधे पत्राचार या कॉल सेंटर के जरिए प्राप्त हर शिकायत को अपने शिकायत प्रबंधन सिस्टम (Complaint Management System) (CMS) में दर्ज करना होता है। बीमा कंपनियों के शिकायत प्रबंधन सिस्टम और ‘बीमा भरोसा’ पोर्टल आपस में एकीकृत हैं। बीमा कंपनियों को शिकायत की तत्काल पुष्टि करनी होती है और 14 दिनों के भीतर उसका समाधान उपलब्ध कराना होता है।
मंत्रालय ने कहा कि शिकायतकर्ता ‘बीमा भरोसा’ पोर्टल पर लॉग इन करके अपनी शिकायत दर्ज करने के साथ-साथ उसके निवारण की स्थिति की निगरानी भी कर सकते हैं। यह आईआरडीएआई द्वारा संचालित एक एकीकृत पोर्टल है, जिसके जरिए पूरे बीमा उद्योग में पॉलिसीधारकों की शिकायतों की निगरानी की जाती है। बीमा कंपनियों के खिलाफ शिकायत रखने वाले पॉलिसीधारकों को सबसे पहले संबंधित बीमा कंपनी के शिकायत/शिकायत निवारण प्रकोष्ठ से संपर्क करना होता है।
वित्त मंत्रालय ने सलाह में कहा कि अगर बीमा कंपनी से उचित समय के भीतर कोई जवाब नहीं मिलता है या कंपनी के जवाब से पॉलिसीधारक संतुष्ट नहीं है, तो वह आईआरडीएआई के पॉलिसीधारक संरक्षण एवं शिकायत निवारण विभाग के शिकायत निवारण प्रकोष्ठ से संपर्क कर सकता है। पॉलिसीधारक आईआरडीएआई के आधिकारिक ‘बीमा भरोसा’ पोर्टल पर लॉग इन कर सकते हैं।
मंत्रालय ने कहा कि पॉलिसीधारक आईआरडीएआई के आधिकारिक बीमा भरोसा पोर्टल https://bimabharosa.irdai.gov.in/ पर लॉग इन कर सकते हैं। इसके अलावा नागरिक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 155255 या 1800-4254-732 पर कॉल करके या complaints@irdai.gov.in पर ईमेल भेजकर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। डाक या ईमेल के माध्यम से भेजी गई शिकायतें भी बीमा भरोसा पोर्टल पर दर्ज की जाती हैं। प्राधिकरण द्वारा संचालित कॉल सेंटर बहुभाषी सहायता प्रदान करता है और 12 भाषाओं में उपलब्ध है।
