
महंगाई दर 9.87 से घटकर 9.78 फीसदी पर आई
नई दिल्ली : (New Delhi) ईंधन, बिजली और खाद्य वस्तुओं की कीमतों (fuel, electricity, and food prices) में कुछ नरमी से जुलाई में थोक महंगाई दर मामूली घटकर 9.78 फीसदी रह गई। जून में यह 9.87 फीसदी थी। हालांकि थोक महंगाई लगातार तीसरे महीने 9 फीसदी से ऊपर बनी हुई है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार जुलाई में ईंधन एवं बिजली क्षेत्र की महंगाई 20.05 फीसदी रही, जो जून में 27.41 फीसदी थी। खाद्य वस्तुओं की थोक महंगाई भी 5.49 फीसदी से घटकर 5.44 फीसदी पर आ गई।
इसके विपरीत विनिर्मित उत्पादों की महंगाई बढ़ी है। जुलाई में यह 8.29 फीसदी रही, जबकि जून में 7.48 फीसदी थी। पेट्रोलियम उत्पाद, खाद्य वस्तुएं, बुनियादी धातु, गैर-खाद्य उत्पाद और रसायन थोक महंगाई के प्रमुख कारकों में रहे।
नए आधार वर्ष 2022-23 पर आधारित थोक मूल्य सूचकांक (Wholesale Price Index) (WPI) में यह मासिक आधार पर दर्ज पहली गिरावट है। मंत्रालय के अनुसार पश्चिम एशिया संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अवरोध के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और उर्वरकों की लागत बढ़ी, जिसका असर घरेलू कीमतों पर भी पड़ा।
खुदरा महंगाई दर 4.45 प्रतिशत
इससे पहले जारी आंकड़ों के अनुसार जुलाई में देश की खुदरा महंगाई बढ़कर 4.45 फीसदी हो गई, जो जून में 4.38 फीसदी थी। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि को इसका प्रमुख कारण बताया गया।
भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) (RBI) ने अगस्त की मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर बरकरार रखा है। केंद्रीय बैंक ने कमजोर और असमान मानसून को देखते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए खुदरा महंगाई का अनुमान 5 फीसदी रखा है।
