
नई दिल्ली : (New Delhi) भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा (Indian women’s cricket team star all-rounder Deepti Sharma) आगामी महिला एशिया कप (Women’s Asia Cup) में पूरी तैयारी के साथ उतरने के लिए द हंड्रेड-2026 को महत्वपूर्ण मंच के तौर पर इस्तेमाल कर रही हैं।
सनराइजर्स लीड्स विमेंस (Sunrisers Leeds Women) के लिए गेंद और क्षेत्ररक्षण में प्रभावी प्रदर्शन कर रहीं दीप्ति का लक्ष्य इस टूर्नामेंट में हर मौके का अधिकतम फायदा उठाकर बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण तीनों विभागों को और मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि वह द हंड्रेड में अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहती हैं, ताकि 28 अगस्त से शुरू होने वाले एशिया कप में पूरी तरह तैयार होकर उतर सकें।
दीप्ति ने जियोस्टार से बातचीत में कहा, “महिला चैंपियंस ट्रॉफी के लिए अभी कुछ समय बाकी है, जो फरवरी 2027 में खेली जाएगी। इसलिए फिलहाल मेरा ध्यान द हंड्रेड (‘The Hundred’) पर है। महिला एशिया कप 28 अगस्त से शुरू हो रहा है और यह भारतीय टीम के लिए एक महत्वपूर्ण टूर्नामेंट है।”
उन्होंने कहा, “द हंड्रेड में खेलना मुझे बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण तीनों विभागों में अपनी क्षमताओं पर काम करने का शानदार अवसर दे रहा है। मैं इस टूर्नामेंट का अधिक से अधिक फायदा उठाने की कोशिश कर रही हूं, ताकि एशिया कप में पूरी तैयारी के साथ उतर सकूं। मैं सनराइजर्स लीड्स के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ दे रही हूं और इससे मुझे एक खिलाड़ी के रूप में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी तथा लंबे समय में टीम को भी फायदा होगा।”
सनराइजर्स लीड्स से जुड़ने को लेकर उत्साहित दीप्ति ने कहा, “जब मुझे सनराइजर्स लीड्स के लिए चुना गया तो मैं बहुत उत्साहित थी, क्योंकि नारंगी मेरा पसंदीदा रंग है। इसलिए जब भी मैं नारंगी रंग देखती हूं तो हमेशा अच्छा महसूस होता है। यहां लीड्स में अपने घरेलू मैदान पर खेलना खास है। मैदान सनराइजर्स के प्रशंसकों से भरा रहता है और मैं जहां भी देखती हूं, मुझे नारंगी ही नजर आता है।”
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि प्रशंसक भी हमें घरेलू मैदान पर अच्छा प्रदर्शन करते देखकर आनंद ले रहे होंगे। एक टीम के रूप में हम एक-दूसरे के योगदान की वास्तव में सराहना करते हैं, चाहे वह अच्छी पारी हो या कसी हुई गेंदबाजी। हम एक समूह के रूप में इसका आनंद ले रहे हैं। हम इन अनुभवों से जितना अधिक सीखेंगे, हमारे लिए उतना ही बेहतर होगा।”
भारतीय टीम की जर्सी पहनने के गौरव को लेकर दीप्ति ने कहा, “जब आप नीली जर्सी पहनते हैं तो यह आपके लिए, आपके परिवार और आपके देश के लिए गर्व से भर देती है। यह सिर्फ एक जर्सी नहीं है, बल्कि वर्षों की कड़ी मेहनत और त्याग का परिणाम है। जब उम्मीदें अधिक होती हैं और आप देश के लिए अच्छा प्रदर्शन करने में सफल होते हैं तो वह एहसास बेहद खास होता है।”
उन्होंने कहा, “इसके साथ जिम्मेदारी आती है, लेकिन हम सभी इस जिम्मेदारी का स्वागत करते हैं। हर कोई चाहता है कि हम एक टीम के रूप में सफल हों और हमारा समर्थन करने वाले प्रशंसकों को खुशी दें। यही हमें मैदान पर हर बार अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रेरित करता है।”
चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में प्रदर्शन करने को लेकर दीप्ति ने कहा, “मेरे लिए हर मैच महत्वपूर्ण है। यह सिर्फ महिला चैंपियंस ट्रॉफी (Women’s Champions Trophy) की बात नहीं है। मैं जिस भी मैच में खेलती हूं, उसमें 100 प्रतिशत से अधिक देने की कोशिश करती हूं, चाहे वह कोई बड़ा टूर्नामेंट हो या कोई अन्य मुकाबला। मैं टीम के लिए जितना अधिक योगदान दे सकती हूं, उतना ही बेहतर है।”
उन्होंने कहा, “मुझे चुनौतियों का सामना करना वास्तव में पसंद है। जब भी मुश्किल परिस्थितियां आती हैं, मैं उनके लिए हमेशा तैयार रहती हूं। वास्तव में मुझे दबाव वाले क्षण पसंद हैं, क्योंकि वे मुझे बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करते हैं।”
