
नई दिल्ली : (New Delhi) राऊज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court) ने रेलवे टेंडर घोटाला के मनी लांड्रिंग मामले में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव (supremo Lalu Yadav, Rabri Devi, and Tejashwi Yadav) के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। स्पेशल जज विशाल गोगने ने आरोप तय करने का आदेश दिया। कोर्ट ने लालू यादव के दामाद राहुल यादव समेत सात लोगों को बरी करने का भी आदेश दिया।
कोर्ट ने इन तीनों के अलावा लारा प्रोजेक्ट्स, सरला गुप्ता, प्रेमचंद गुप्ता, सुजाता होटल्स, विनय कोचर और विजय कोचर के खिलाफ आरोप तय किया है। कोर्ट ने राहुल यादव, गौरव गुप्ता, नाथ मल कंकर्निया, विजय त्रिपाठी, डीएन तुलस्यान, राजीव रेलान और अभिषेक फाइनेंस को बरी करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने 13 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था।
कोर्ट ने 28 जनवरी, 2019 को प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) (ED) की ओर से दर्ज केस में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को एक-एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर नियमित जमानत दी थी। कोर्ट ने 19 जनवरी, 2019 को केंद्रीय जांच ब्यूरो (Central Bureau of Investigation) (CBI) की ओर से दर्ज केस में लालू यादव को नियमित जमानत दी थी। कोर्ट ने 13 अक्टूबर, 2025 को रेलवे टेंडर घोटाले के सीबीआई से जुड़े मामले में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत दूसरे आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था।
कोर्ट ने 17 सितंबर, 2018 को ईडी की ओर से दायर चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। लालू यादव पर आरोप है कि उन्होंने रेलमंत्री रहते हुए रेलवे के दो होटलों को आईआरसीटीसी को ट्रांसफर किया और होटलों की देखभाल के लिए टेंडर जारी किये थे। रांची और पुरी के दो होटलों का आवंटन कोचर बंधु की कंपनी सुजाता होटल को ट्रांसफर कर दिया था।
