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Mumbai : रोहित रॉय ने छोटे पर्दे को बताया ‘कूड़ादान’

मुंबई : (Mumbai) टीवी और बॉलीवुड में काम कर चुके अभिनेता रोहित रॉय (Actor Rohit Roy) ने हाल ही में छोटे पर्दे पर एक विवादास्पद बयान दिया है। ‘स्वाभिमान’ और ‘देश में निकला होगा चांद’ जैसे सुपरहिट शो और ‘फैशन’ व ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ जैसी फिल्मों में दिख चुके रोहित ने टीवी को ‘डस्टबिन मीडियम’ (dustbin medium) करार दिया। उनका मानना है कि जहां फिल्में इतिहास और सिनेमा के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो जाती हैं, वहीं टीवी कंटेंट की उम्र बहुत कम होती है।

थोक के भाव बन रहे शो- रोहित
‘किंडल कास्ट’ (Kindle Cast) यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान रोहित रॉय ने टीवी इंडस्ट्री को ‘डस्टबिन मीडियम’ करार दिया। उन्होंने कहा कि आज टीवी का कंटेंट कल के बासी अखबार जैसा है, जिसे लोग अगले ही दिन भूल जाते हैं। रोहित का मानना है कि भारत में बिना किसी रचनात्मकता के एक ही जैसा कंटेंट थोक के भाव बन रहा है। ‘स्वाभिमान’ जैसे गिने-चुने धारावाहिकों को छोड़ दें तो उनके खुद के कई धारावाहिक आज लोग भूल चुके हैं।

टीवी कलाकारों में नहीं होती गरिमा
जब रोहित रॉय से बॉलीवुड के उस कथित भेदभाव के बारे में पूछा गया, जिसमें टीवी कलाकारों को फिल्म अभिनेताओं की तुलना में नीचा समझा जाता है, तो उन्होंने इस बात का समर्थन कर कहा, “ईमानदारी से कहूं तो टीवी कलाकारों के पास वो अंदाज और गरिमा नहीं होती, जो फिल्म अभिनेताओं में होती है। आप किसी फिल्म स्टार की पब्लिक अपीयरेंस को देखिए, वे जिस शालीनता, स्टाइल और कूल अंदाज के साथ बाहर आते हैं, वो अलग होता है।”

“पैपराजी के सामने अजीब हरकत करते हैं टीवी के सितारे”
रोहित रॉय ने कहा कि दिखावा भले ही हर कोई करता हो, लेकिन फिल्मी सितारों का अंदाज बेहद शालीन और गरिमापूर्ण होता है, वहीं टीवी कलाकारों के बर्ताव और पहनावे में वो बात नजर नहीं आती। उनके मुताबिक, पैपराजी को देखकर अजीब हरकतें करना या बेवकूफाना बयान देना सही नहीं है। कलाकारों को हमेशा एक मर्यादा और गरिमा बनाए रखनी चाहिए, जिससे दोनों के फर्क को आसानी से समझा जा सकता है।

फिल्में टीम इंडिया जैसी, टीवी सिर्फ रणजी- रोहित
बिना नाम लिए रोहित ने कहा कि टीवी की एक मशहूर अभिनेत्री अक्सर बेहद छोटे कपड़ों में दिखती हैं। जब होस्ट ने उन पर इंडस्ट्री के ऊंच-नीच के फर्क को बढ़ावा देने का आरोप लगाया तो उन्होंने कहा कि सिनेमा हमेशा याद रखा जाता है, जबकि टीवी एक ‘डस्टबिन मीडियम’ है। रोहित ने तुलना करते हुए कहा कि फिल्मों में काम करना टीम इंडिया के लिए खेलने जैसा है, वहीं टीवी में काम करना सिर्फ रणजी ट्रॉफी खेलने जैसा है।

टीवी को ‘कूड़ादान’ बताने पर रोहित रॉय पर भड़कीं देवोलीना
उधर टीवी अभिनेत्री देवोलीना भट्टाचार्जी (TV actress Devoleena Bhattacharjee) ने रोहित के डस्टबिन वाली टिप्पणी पर कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ज्यादातर लोग रोहित को सिर्फ टीवी अभिनेता रोनित रॉय के भाई के रूप में जानते हैं। देवोलीना ने कहा कि जिस इंडस्ट्री ने रोहित को पहचान दी, उसी का अपमान करना गलत है। उन्होंने साफ किया कि टीवी कलाकारों को भी वही सम्मान मिलना चाहिए, जिसके वे हकदार हैं और अपनी जड़ों को भूलना बिल्कुल सही नहीं है।