
निदेशक मंडल ने चंद्रशेखरन को फिर कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करने का किया फैसला
मुंबई : (Mumbai) टाटा समूह की प्रमुख कंपनी टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन (N. Chandrasekaran, Chairman of Tata Sons) का कार्यकाल 2032 तक बढ़ा दिया गया है। टाटा संस लिमिटेड के बोर्ड ने गुरुवार को 5 साल का नया कार्यकाल देने को बहुमत सेअपनी मंजूरी दी है। बोर्ड के इस फैसले से चंद्रशेखरन का पिछले महीने दोबारा नियुक्ति नहीं लेने का फैसला बदल गया है।
सूत्रों के मुताबिक मुंबई में आयोजित टाटा संस बोर्ड की बैठक में चंद्रशेखरन को पांच वर्षों का एक और कार्यकाल देने को मंजूरी दी गई है। निदेशक मंडल के सदस्यों का मत है कि नेतृत्व में निरंतरता से संभावित निवेशकों को भी भरोसा मिलेगा। हालांकि, चंद्रशेखरन ने कुछ सप्ताह पहले निदेशक मंडल से कहा था कि वह अपना दूसरा कार्यकाल पूरा होने के बाद चेयरमैन पद पर आगे बने रहने के इच्छुक नहीं हैं।
टाटा संस के चेयरमैन पद पर चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति का फैसला रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) (Reserve Bank of India) के द्वारा पिछले सप्ताह टाटा संस के गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) (Non-Banking Financial Company) पंजीकरण को समाप्त करने का आवेदन खारिज किए जाने के बाद आया है। चंद्रशेखरन की नियुक्ति से कंपनी के शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की संभावना फिर से बन गई है। पिछले एक साल से अधिक समय से बाजार सूचीबद्धता से बचने का प्रयास कर रही थी। इस क्रम में कंपनी ने करीब 21 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज भी चुकाया है।
टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा (Noel Tata, Chairman of Tata Trust) ने चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति के प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया, लेकिन यह प्रस्ताव बहुमत से पारित हो गया। नोएल टाटा की अगुवाई वाले टाटा ट्रस्ट और उससे संबद्ध ट्रस्टों के पास टाटा संस की करीब 66 फीसदी हिस्सेदारी है।
