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New Delhi : भारत ने आइसलैंड में लगाई आम की प्रदर्शनी


New Delhi: India Hosts Mango Exhibition in Iceland

नई दिल्ली : (New Delhi) भारत ने आइसलैंड में अपने प्रीमियम आमों के निर्यात को बढ़ाने के लिए पहली बार भारतीय आमाें की विभिन्न किस्माें की प्रदर्शनी आयाेजित है जिसमें दोनों देशों के बीच कृषि व्यापार को मजबूत करने के मौकों पर जोर दिया गया है।

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय (Ministry of Commerce) ने शुक्रवार को जारी एक बयान में बताया कि ये कार्यक्रम आइसलैंड की राजधानी रेक्याविक स्थित भारतीय दूतावास ( Indian Embassy in Reykjavik) ने कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के सहयोग से 24 जून को रेक्याविक तथा 25 जून को उत्तरी आइसलैंड के अक्यूरेरी में पहली बार भारतीय आम के प्रोत्साहन का कार्यक्रम आयोजित किया जिसमें दशहरी, चौसा, लंगड़ा और केसर किस्म के भारतीय आमों की समृद्ध विविधता और उनके निर्यात की अपार संभावनाओं को प्रदर्शित किया गया।

मंत्रालय के मुताबिक इस अवसर पर भारतीय राजदूत आर. रवीन्द्र (Indian Ambassador R. Ravindra) ने भारत की विश्व-प्रसिद्ध आम की विभिन्न किस्मों की विशिष्टताओं पर प्रकाश डाला, और आइसलैंड में भारतीय आमों के निर्यात के विस्तार की व्यापक संभावनाओं पर जोर दिया। इसके साथ ही भारतीय दूतावास की द्वितीय सचिव सुश्री अनिशा तोमर (Ms. Anisha Tomar) ने भारत में आम उत्पादन पर एक प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा आम उत्पादक देश है।

वहीं, आइसलैंड के विदेश मंत्रालय में व्यापार समझौता निदेशक स्वेन के. एइनार्सन (Sveinn K. Einarsson) ने भारत–ईएफटीए व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) से मिलने वाले अवसरों और उसके माध्यम से आइसलैंड में भारतीय आमों के आयात को बढ़ावा मिलने की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए।

वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि भारतीय मिशन द्वारा स्थानीय उपभोक्ताओं के साथ बातचीत के दौरान यह जानकारी सामने आई कि आइसलैंड के लोग आम काफी पसंद करते हैं और विशेष रूप से स्मूदी, डेज़र्ट (मिष्ठान) तथा फ्रूट सलाद में उनका सेवन करना पसंद करते हैं। इससे स्पष्ट होता है कि आइसलैंड के बाजार में भारतीय आमों के लिए पर्याप्त संभावनाएं मौजूद हैं।

उल्लेखनीय है कि वर्तमान में आइसलैंड मुख्य रूप से थाईलैंड, ब्राजील, कंबोडिया, घाना और पेरू (Thailand, Brazil, Cambodia, Ghana, and Peru) से आमों का आयात करता है। वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं की सीमित उपलब्धता के कारण इन देशों के आमों ने आइसलैंड के बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति बनाई है। वर्ष 2025 में आइसलैंड ने लगभग 33 लाख अमेरिकी डॉलर मूल्य के आमों का आयात किया, जिसमें से लगभग 10 लाख अमेरिकी डॉलर मूल्य के आम केवल थाईलैंड से आयात किए गए थे।